हिन्दी के व्यंजन वर्ण
व्यंजन वर्ण वे हैं, जिनका उच्चारण स्वरों की सहायता से होता है प्रत्येक व्यंजन के उच्चारण में 'अ' की ध्वनि छिपी रहती है। 'अ' के बिना व्यंजन का उच्चारण सम्भव
नहीं। जैसे-+अ-क, क्। अ-क। व्यंजन वह ध्वनि है, जिसके उच्चारण में भीतर
से आती हुई वायु मुख में कहीं-न-कहीं, किसी-न-किसी रूप में, बाधित होती है।
स्वर वर्ण स्वतंत्र और व्यंजन वर्ण स्वर पर आश्रित हैं। हिन्दी में व्यंजनवणों की संख्या
३३ है। इनकी निम्नलिखित श्रेणियाँ है-

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